तोरे तिरछी नजर ह कटार होगे ओ तोर मया मोर जीव के अधार होगे ना

तोर मीठ बोली ह जीव के काल होगे गा
तोर मया मोर जीव के अधार होगे ना

तोरे तिरछी नजर ह कटार होगे ओ तोर मया मोर जीव के अधार होगे ना

तोर मीठ बोली ह जीव के काल होगे गा
तोर मया मोर जीव के अधार होगे ना

तोरे मया के भरोसा जिनगानी गोरी ओ दोनों पिरित के लिखबो कहानी गोरी ओ

तोर मीठ बोली ह जीव के काल होगे गा तोर मया मोर जीव के अधार होगे ना

तोरे तिरछी नजर ह कटार होगे ओ
तोर मया मोर जीव के अधार होगे ना

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